ishq ka paimana

Hame nahi lagta ki koi hua hai
Ishq me psychopath aapke liye

Agar hua v hai to bata do
Uss paimaane se v gujar jayenge aapke liye

Agar paimaane se hi ishq taulna hai aapko
To khuda se kaho na ek machine bana de us paimane ko napne k liye

Mera Yaar Jogiya

मेरा यार जोगिया वे
मेरा प्यार जोगिया वे
मै जोगन तेरी
तू मेरा जोगिया

कत्ल

रै मुक़दमा करूं भी तो किस पे
मेरा कत्ल मेरे अपनों ने ही किया है

Overcome your demons

I chased the devil to fight my battle
Around my soul i could feel an angel
I had lost hopes to spark my candle
For my fears i discovered a channel
I chose this path,my thoughts got crinkled
My body felt as i am standing while it dribbled
I thought for a while how i could be so blissful
For this blessing to last i was ready to be deferential
Capture my soul and i ll be faithful
Hold my dreams and i ll be fateful
I ll sleep at ease as i heard a jangle
I found my heart balm all at a once
This feeling is just too mirthful
And my soul feels as in a muffle

ये शाम आज भी बे मज़ा …

ये शाम आज भी बे मज़ा सही है

दिल बेताब है तेरे दीदार का मगर
अजीब सी छायी ये मदहोशी है
होटों पर हल्की सी मुस्कान है मगर दिल में उठी खामोशी है

              ये शाम आज भी बे मज़ा सी है.

उनके ना होने का फर्क पड़ता नही मुझेऐसा कहा करता था मैं
पर पता नही क्यों आज भी उनके बिना क्यों चेहरे पर उदासी है

                 ये शाम आज भी बे मज़ा सी है...

love

Aaj likhi jo tumne apne pyar se mithe bol. Na bnee mere bol tere pyar ke vo bol. Tum ne too pyar ka har wadha nibha deya. Tere pyar ke aage mere pyar fikaa pad gya

सेतु चौपाई

!! चौपाल !!

लइका सियान जेन मेर सकलाथें
खेती-किसानी के गोठ- गोठियाथें
अउ जानना हे देश-बिदेश के बात
दिल्ली होवय चाहे के भोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

नीति धरम के के ताक होथे
ताक अउ हाँसी-मजाक होथे
अउ सियानी के गोठ घलो सुन
माधो, रमेसर अउ गोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

बिहनिया नहा-धोके जम्मो ऑथें
रथिया भात खाके इ करा ठुलाथें
अब्बड़ सुहावना लागथे संगवारी
कइसे करव बखान सुघ्घर महौल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

गनेश चउथ म लम्बोदर बिराजथन
नवराति म दुर्गा दाई नेवत के लाथन
चँउक ल सजाथन छाँवनी बनाके
फ़बित का कइबे चाँदनी,तिरपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

 सेतराम साहू "सेतु"

तबस्सुम

की महफूज़ रखना उसके हर ग़म ए गर्दिश को
गुनहगार बन बैठा हूँ मैं उसकी हर एक तबस्सुम का