अफ़सोस

प्यार में वो इस कदर बदनाम हो गए,
वो किसी और के और हम किसी और के नाम हो गए

एक यादें

चौराहा

चौराहे पे खड़ा तालाश कर रहा था,राह जिन्दगी की। बेताब था मन खत्म करने को कशमकश जिंदगी की।।

हर राह बंध थी,उस चौराहे की।
चाह कर भी ना जा सका किसी राह,उस चौराहे की।।
चौराहे पे खड़ा तालाश कर रहा था,राह जिन्दगी की।।।

सुख दुख में तलाश रहा था,राह जिन्दगी की।
दुख हावी था? राह बंध थी उस चौराहे की।।
चौराहे पे खड़ा तालाश कर रहा था,राह जिन्दगी की।।।

मन बहुत विचलित था,क्या करूं अब उस चौराहे पर। परेशान बहुत था! उलझाने बहुत हो गई थी उस चौराहे पर।।
चौराहे पे खड़ा तालाश कर रहा था,राह जिन्दगी की।।।

पसीने से तरबतर शरीर, आंखों में आसूं लिए खड़ा थाउस चौराहे पर।
समझ नहीं आया,अब क्या करूं उस चौराहे पर।।
चौराहे पे खड़ा तालाश कर रहा था,राह जिन्दगी की।।।

Gham

Mohabbat ki khushboo.
Aur judai ka gham.
Kismat walo ko milti hai.
Tum bewafa Samajhti ho Hume.
Humne dono sambhal ke rakkha hai.