कत्ल

रै मुक़दमा करूं भी तो किस पे
मेरा कत्ल मेरे अपनों ने ही किया है

Overcome your demons

I chased the devil to fight my battle
Around my soul i could feel an angel
I had lost hopes to spark my candle
For my fears i discovered a channel
I chose this path,my thoughts got crinkled
My body felt as i am standing while it dribbled
I thought for a while how i could be so blissful
For this blessing to last i was ready to be deferential
Capture my soul and i ll be faithful
Hold my dreams and i ll be fateful
I ll sleep at ease as i heard a jangle
I found my heart balm all at a once
This feeling is just too mirthful
And my soul feels as in a muffle

ये शाम आज भी बे मज़ा …

ये शाम आज भी बे मज़ा सही है

दिल बेताब है तेरे दीदार का मगर
अजीब सी छायी ये मदहोशी है
होटों पर हल्की सी मुस्कान है मगर दिल में उठी खामोशी है

              ये शाम आज भी बे मज़ा सी है.

उनके ना होने का फर्क पड़ता नही मुझेऐसा कहा करता था मैं
पर पता नही क्यों आज भी उनके बिना क्यों चेहरे पर उदासी है

                 ये शाम आज भी बे मज़ा सी है...

सेतु चौपाई

!! चौपाल !!

लइका सियान जेन मेर सकलाथें
खेती-किसानी के गोठ- गोठियाथें
अउ जानना हे देश-बिदेश के बात
दिल्ली होवय चाहे के भोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

नीति धरम के के ताक होथे
ताक अउ हाँसी-मजाक होथे
अउ सियानी के गोठ घलो सुन
माधो, रमेसर अउ गोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

बिहनिया नहा-धोके जम्मो ऑथें
रथिया भात खाके इ करा ठुलाथें
अब्बड़ सुहावना लागथे संगवारी
कइसे करव बखान सुघ्घर महौल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

गनेश चउथ म लम्बोदर बिराजथन
नवराति म दुर्गा दाई नेवत के लाथन
चँउक ल सजाथन छाँवनी बनाके
फ़बित का कइबे चाँदनी,तिरपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

 सेतराम साहू "सेतु"

तबस्सुम

की महफूज़ रखना उसके हर ग़म ए गर्दिश को
गुनहगार बन बैठा हूँ मैं उसकी हर एक तबस्सुम का

Kambhakt ye ankhey manti nhi hai

Dil koi tikhana nhi hai

ye koi Raja ka ghrana nhi hai

Koi bhi jo aaye mhu utha k bus jaye

ye jaghey kuch chuninda logo ke liye bani hai

Har kisi k Aney janey ki munjari yha par nahi hai

Vadhey or kasamei hei rastey or seediya jiski

Jo thar jaye uske liye
samay koi kami bhi nhi hai

Umeed ki dor se banda jarrur h pull dill ka

Kisi k tehar ke Aney ki ruk bhi nhi hai

U to band kr diya hai darwaja humey dil ka

Kambhakt ye ankh fir bhi manti nahi hai

Kambhakt ye ankhey fir bhi manti nhi hai ….

Gaurav_Sharma

इश्क़

तेरे साथ ना होने से मोहब्बत कम नहीं हुई
मोहब्बत तो आज भी है
बस तेरे आने की उम्मीद नहीं रहीं

बेवफाई की दवाई

नई मोहब्बत ने यह बात सिखाई है
नई मोहब्बत ही पुराने दर्द की दवाई है
और यह दवाई हमने अब तक नहीं पाई है