सब कहते हैं कानून अं…

सब कहते हैं कानून अंधा है..!!
हाॅं, संविधान लिखने वालों की…
दूर दृष्टि ने उसे आंखों पे पट्टी
बांधी, क्यों?…क्योंकि न्यायकर्ता
मुजरिम की ताकत,रिश्ता या दशा
देखकर न्याय ना करें किन्तु आज
कानून की जगह जजों की आंखों
पर पट्टी हो गई…जो धन, ताकत
और रिश्ता‌ देखके न्याय करते हैं।

यदा यदा धर्मस्य ग्लानि भवति
तदा तदा श्री कृष्ण जन्मयते!‌‌