वो सुबह कभी तो आएगी

इन काली सदियों के सर से जब रात का आँचल ढलकेगा
जब दुख के बादल पिघलेंगे जब सुख का सागर छलकेगा
जब अम्बर झूम के नाचेगा जब धरती नग़्मे गाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

ज़िन्दगी में जब तुम्ह…

ज़िन्दगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
इतने तनहा थे कि हम भी हम नहीं थे

वक़्त पर जो लोग काम आए हैं अक्सर
अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे

बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में
हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे

हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
आप थे, बाहों में दो आलम नहीं थे

सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
वरना रस्ते प्यार के पुरख़म नहीं थे

फ़िल्म – दूरियां (1979)
गायक/गायिका – भूपिंदर, अनुराधा पौडवाल
संगीतकार – जयदेव
गीतकार – सुदर्शन फ़ाकिर
अदाकार – उत्तम कुमार, शर्मिला टैगोर