दिल मज़बूत हो तो, …

*दिल* मज़बूत हो तो,
*दुख* सहन करता है।

*कंधे* मज़बूत हो तो,
*भार* सहन करते हैं।

*इरादे* मज़बूत हो तो,
*ख़्वाबों को सच करते हैं*

दिल को बहुत समझाया …

दिल को बहुत समझाया
बस तू मुस्कुराया कर।

ज़ख़्म सबको अपने
ऐसे ही न दिखाया कर।

तू सोच तेरे लिए यही
ख़ुदा की मर्ज़ी होगी।

खुद के ज़ख़्मों पर
खुद मरहम लगाया कर।

अच्छा लिखना उतना ही …

अच्छा लिखना उतना ही मुश्किल है
जितना तलवार की धार पर चलना।

मुश्किल है विषय को सोच में भरना
मुश्किल है हरबात सबके गले उतरना।

हर किसी की सोच भी अलग होती है,
हर किसी की रूचि भी अलग होती है।

समझाने की हर कोई कोशिश करता है,
कामयाब होना लोगों पर निर्भर करता है।

सफल तभी हैं जब हर कोई पंसद करता है,
वरना अच्छा लिखा भी रद्दी में ही डलता है।