दिमाग़ में शक का कीड…

दिमाग़ में शक का कीड़ा रह

सकता है, तो विश्वास का कीड़ा

क्यों नहीं रह सकता…क्योंकि

*शक दिमाग़ में रहता है*

. *और विश्वास दिल में*

चलो साथ मिलकर कोरोना को हराते हैं।

1 चलो कोरोना वायरस को हराये
शंका होने पर मेडिकल जाँच जरुर कराये
2 बना लो कुछ समय के लिए सामाजिक दुरी
कोरोना वायरस को मिटाने के लिए यह कदम है जरुरी
3 हाथ नही मिलाना है, कोरोना वायरस को दूर भगाना है
4 कोई भी झूठी बात या अफवाह ना फैलाये,
कोरोना वायरस को मिटाने में अपना फर्ज निभाये
5 आज के लिए जानता कर्फ्यू है बहुत जरुरी
कोरोना वायरस को मिटाने के लिए बना लो सबसे दुरी
6 देश के लिए अपना फर्ज निभाना है
कोरोना वायरस को हराने के लिए घर से बाहर अभी नही जाना है.
7 यदि सुरक्षित जीवन जीना है
तो सभी को मिलकर कोरोना वायरस को हराना है
8बार-बार हाथ धोने की आदत डालें
ऐसा करके खुद को कोरोना वायरस से सुरक्षित बनाले.
9 साफ दिखने वाले हाथों को निरंतर धोएं
ऐसा करके कोरोना वायरस को दूर भगाए
10छींकते और खांसते समय रखे ये ध्यान
नाक और मुंह को ढकने के लिए रूमाल या टिशू का इस्तेमाल.
नाम ~ उदय कुमार झा
वर्ग ~ कला स्नातक
विषय ~ संस्कृत
महाविद्यालय ~ जी०एम०आर०डी० महाविद्यालय मोहनपुर(समस्तीपुर)
विश्वविद्यालय ~ ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ,कमेश्वरनगर ,दरभंगा(बिहार)

कोरोना को हराने दो…

कोरोना को हराने दो
कोरोना को हराने दो
खिड़कियाँ खोल दो धूप को आने दो,
इंसानों को खूब सता रहा है कोरोना,
अब धूप को उसे मिटाने दो।
साफ़ सफ़ाई का पूरा रखें ध्यान,
हाथों को बार बार धुल जाने दो,
न हो अगर सेनेटाइजर तो घबराए नहीं,
साबुन से ही हाथों को20 सेकेण्ड तक
रनिंग टैप के नीचे रखकर धुल जाने दो।
अगर आये खाँसी छींक तो रूमाल,
टिश्यु पेपर को यूज में आने दो
इससे भी अच्छा यही है कि अपनी कोहनी
के अंदर की तरफ़ खाँसी छींक आ जाने दो।
यूज टिश्यु को बंद कचरा पेटी में फैंक जाने दो,
अगर न फैंके रूँमाल तो डिटोल से धुल जाने दो।
अपने नाक ,आँख ,मुँह को गंदे हाथों से न छुओ,
गले मिलने और हाथ मिलाने से बचो और
आपसी दूरी 3 फ़ीट हो जाने दो।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाओ और
अपने को घर पर टाईम बिताने दो,
जगह जगह पर थूकने की आदत को छूट जाने दो ।
अपने मोबाईल ,लैपटॉप ,घड़ी ,चाभी या हो
दरवाज़े की कुंडी, रोज़ सफ़ाई होने दो।
सार्वजनिक स्थानों पर रेलिंग सीढ़ियों पर हाथों को न लगने ,
जूते चप्पलों को अंदर आने से पहले घर के बाहर उतरने दो।
कार्पेट को भी बाहर निकालकर पर्दे भी साइड में करने दो,
अगर ,गुग्गुल ,नीम ,कपूर का धूपन कर हर कोने को सँवरने दो।
ठंडी ,बासी ,कच्ची चीजों को मेन्यू से हट जाने दो,
गर्म पानी ,गर्म सूप , और ग्रीन टी को मेन्यू में आने दो।
जिंजर ,लौंग ,तुलसी की चाय भी बन जाने दो,
अदरक और मुलहठी को मुँह में रखकर धीरे धीरे रस आने दो ।
हल्दी नमक के गरारे करके गले को हैल्दी बनाने दो,
खाँसी जुकाम बुख़ार होने पर मन को न घबराने दो ।
पर अगर हो साँस में दिक़्क़त , न्यूमोनिया
या बैचेनी इसको हल्के में न जाने दो
बिना वक़्त गँवायें अपना तुरंत डाक्टर को दिखलाने दो ।
हैल्थ वर्कर, रोगी और तीमारदार सबको मुँह पर मास्क लगाने दो,
बाक़ी जिनके पास मास्क नहीं उन्हे भी पेनिक न होने दो
सूती वस्त्र या रूमाल बाँधकर उससे अपना काम चलाने दो।
पौष्टिक भोजन, प्रचुर पानी,जूस और तरल पदार्थ लेने दो,
ख़ुश रहो , खुद भी बचो और दूसरों को बचाकर कर परमार्थ होने दो ।
यह सृष्टि है आदिकाल से रोगों का प्रार्दुभाव और उनका इलाज चला आ रहा है,
कभी मानव नेचर को और कभी नेचर मानव को हराता चला आ रहा है ।
जीत कहे बहुत सुंदर है प्रकृति इससे छेड़छाड़ न कीजिए,
सुखी जीवन के लिए इसे प्यार से सहेजिये ।

बेटियाँ

बेटियाँ है इश्वर का उपहार
इन्हें जीने का है अधिकार
इन्सान को आधा खा जाते है बनिया
अगर बेटी नहीं तो कैसे चलेगी दुनिया।

हर पिता की मन्नत है बेटियाँ
हर दिलों की जन्नत है बेटियाँ
अगर ये नहीं तो कौन बनाएगी रोटियां
हर काम काज की शिक्षिका है बेटियाँ।

ऐ खुदा?

नहीं मांगता ऐ खुदा की जिंदगी सौ साल की दे!
दे भले चंद लम्हों की, लेकिन कमाल की दें!
???

भगवान कहते जो विचार …

भगवान कहते जो विचार
तुम्हें निराशा की तरफ ले
जाये उन विचारों को मन
में मत उपजने दो।
अंधेरे से प्रकाश की तरफ
चलने की कोशिश करो।