यादें..!

तुम्हे याद करना भी एक खूबसूरत अहसास है,
ऐसा लगता है जैसे तू हर पल,
मेरे साथ है..!
☺️☺️?

दिन की य़ादे तू ..

सुबह का सुप्रभात तू ..
रात्री की शुभरात्री तू ll

दिन की य़ादे तू ..

हर पल दिल में तू ..
दूर होके भी पास तू ll

दिन की य़ादे तू ..

प्यास तू ,भूख तू ,ज़िस्म तू ,जान तू ..
मेरे दिल में समाया हर एक ख्वाब तू ll

दिन की य़ादे तू ..

सपने मे तू ,हकीकत मे तू ..
मेरा होके भी ,ना मेरा तू ll

दिन की य़ादे तू ..

हर घडी इंतजार तू ..
मेरा आखिरी प्यार तू ll

दिन की य़ादे तू ..

मेरा नही तू ,फिर भी मेरा तू ..
मेरे चेहरे का आईना तू ll

दिन की य़ादे तू ..

दिन की य़ादे तू ..

दिन की य़ादे तू ..ll

महफिल यारो की

जिंदगी के बाजार में दवे हम बैठे है निकलने का मन तो है
पर निकले भी तो कैसे यह तो अपने है दवाये बैठे है

वीरानगी

छाई है वीरानगी चार–सूं, अंदर है शोर बरपा हुआ
ख़ुश आते हैं तबस्सुम लिए, है ये दिल तड़पा हुआ

दिल करता है रोने को बहुत, पर रोएं कैसे फिर हम
जिसका कांधा था अपना,है वो हमसे उखड़ा हुआ

दिल-ए-गुलशन में नहीं खिला फूल फिर कभी जो
टूट कर हुआ शाख़ से जुदा , है ये भी उजड़ा हुआ

VALENTINES DAY

हुई है आज एहसास-ए-शिद्दत की रवानी
हुई है ख़्वाहिश भी आज-जानी पहचानी
भर कर तुम्हें बाहों में चूमते रहें हम यूंही
ये हकीकत हो ना हो एहसास-ए-ख़्याली
सांसे तुम्हारी फिर मेरी सांसों में उलझें जो
दिल की बात हो, ना हो कोई बात दिमागी
मिलो ना कभी तन्हा, खो जाएं आबशारों में
ढूंढते रहना, ये जो बरखा बरसी है दीवानी
हायिल जो है पर्दा दरम्यान में तेरे–मेरे जो
हटा दो आज तुम होना है हमें फिर रूमानी
है जो मुहब्बत तुम्हें कैसे दिखाएं ‘जान ए हैदर’
तुम आए नहीं सामने जो है बात तुमसे बतानी
आओ जो कभी तो आना साथ भरी बज़्म में
रश्क़ करें,फिर जाए सबकी उम्मीदों पे पानी
सब–कुछ ज़ाहिर कर दिया अपना हाल-ए-दिल
अब हम में तुम ना हो तो बेकार है,है ये इश्क़ फ़ानी

छुपछुप देखा

मैंने उसे कल रात गुम–सुम देखा था
ख़फा था वो उसे छुप–छुप देखा था

          ख़्वाब में हुई अचानक तेज़ रोशनी–सी
          हमने तुमको जो यूं हम–तुम देखा था !