Mera Yaar Jogiya

मेरा यार जोगिया वे
मेरा प्यार जोगिया वे
मै जोगन तेरी
तू मेरा जोगिया

सिधा रासता

Mera dil toh akela chal rahi hain,
Hawa keheti hain , aao mere paas aao, zara muskarao.
Surya rashmi kehti hain, aap andheri mein kahan guzarte hain!
aao mere paas aao main apko jyoti
dilwa dunga, jaise ap log ke liye alok roshmi thikrayenge.
Barish kehti hain apko toh dhup mein bohot pareshaani hain, Chodo usko yaar, mere pas aao. Main apko paani pine ka sahara dungi, nahane ki paani maine khud de dungi, main apko bhi ” Rim, jhim ” geet sunaungi.–
Parantu, ham bolte hain,
main toh chala jidhar chali rasta, akela chalne mein zarurat
nahi kisika rishta.

মন মানেনা

একা একা বসে আছি
ঘরের কোণে,
রচে যাই ছন্দ বাণী
আপন মনে।
চারিদিকে বন্ধ বলে
মেজাজটা নাই,
জানিনা আগামী দিনে তো
কি হবে তাই!
মানুষ তো আর চায় না
সে যে থাকবে ঘরে,
লক ডাউনের বিধি নিষেধ
ভাঙবে সে যে কেমন করে!
ভাবতে থাকে ফন্দি ফিকির
বিধি ভাঙার কারি কুরি,
তাই সে খেলে পুলিশ
সাথে লুকোচুরি।
এই না দেখে পুলিশও
বেশ মার কাটারি,
কেউবা খাবে মৌন হয়ে
লাঠির বারি, আবার
কেউ দেখাবে নিয়ম ভেঙ্গে
জারি জুড়ি।
মাথা মোটা পুলিশ কি আর
সাধে বলে!
আইন ভাঙার সে হেডমাস্টার
পড়লে দলে।
বাগে পেলে মনের সুখে
লাঠির মার,
ভাঙলে ভাঙুক আমজনতার
পাঁজর- হাড়।
সকাল হলেই রোজ বাজারে
লোকের ভিড় উপচে পড়ে,
মনে হয় করোনা বুঝি
উঠবেনা আজ বিছানা ছেড়ে।
না, না, না, না আর একটু
তাই হোক না দেরি,
পুলিশ এলে পালিয়ে
যাবো তাড়াতাড়ি।
করোনা এখন জায়গা পেলো
পেছন দিকে,
আতঙ্ক টা জায়গা নিল
কপাল লিখে।
বলতে পারি পেটের ক্ষুধা
যায়না রোখা,
মধ্যবিত্তের ত্রাণের কথা
যায়না লেখা।
নেতাদের ত্রান নিয়ে সব
মিথ্যে বকা,
এমন শুনে যায়না তো আর
ঘরে থাকা।
ইচ্ছেকরে কলার ধরে
প্রশ্ন করি,
ত্রাণ নিয়ে সব হচ্ছে কেনো
ছলচাতুরি?
কি জানি আজ রাজনীতিটা
কোথায় গেছে!
দেশের মজবুত গণতন্ত্র
বলাই মিছে।
না,না,না,না আম জনতা
চায়না সেটা,
মিথ্যা রাজার মিথ্যা বানীর
মজা লোটা।।

Dosti nhi ek safar hai mera

Sabdhod ki kami aaj mehsus honey lagi h jb baya krney laga dosti ka rishta..
Ye na bhai h na hi janam ka rishta…
Ye to aanjan raaho mei saath chlney ka hai rasta…
Ye us bachpan ko ladkpan se hotey huey bhudapey tak le ata hai….
O fr bhi nhi kuch kamata hai…
Haseen kr deta h un sare dino ko jab ap akele ho jaya krtey they…
Mahus jab bhi hua krtey they…..
Chitkolo ka maja tum dost hi diya krtey they…
Na ko sabdho ki bandish hum pr hua krti thi
Jo mun ho us naam se use pukara krtey they..
Saat muchu ko katatey katatey aaj baalo ki safadi jhalak phdi hai (kuch to gunjay bhi hogye sekhar)
Pr aaj bhi tere khi batao se muskhurat vasa ki vase bani hui hai….
Vo dosti hi to h jo sikhaya krti thi
tifin ko mil baat k khaya krti thi…
Vo meri h bhai teri bhabhi h itna bolna hi kafi hua krta tha pura school/college usko bhabi ki najar se dekha krta tha…
Aaj bhi vo hi saam hoti…..
Hatho mei aaj bhi vo hi jaam hoti hai…
Nhi hoti vo ronak un mefilo mei ab jo phley saath tere hoti thi…..
Vo master aaj bhi yaad aya krta hai….
Jo dekhtey he humey bhar nikal janey ko kha krta tha..
Kya wakt tha jo aaj tk nhi bhulaya jata h tere jasa dost aaj tk nhi banaya jata hai……
Aaj tk nhi banaya jata hai

कोई गहरा पुराना दोस्त फिर से मिलेगा क्या !

लॉक डाउन में मेरी बचपन की यादें बिखर सी गई है,
उन्हें फिर से मिलाएगा क्या !
कोई गहरा पुराना दोस्त फिर से मिलेगा क्या !

वो स्कूल केे दिन याद बोहोत आते हैं,
लेकिन हवा केे एक झोकेे केे साथ,
पल भर मे बिखर जाते हैं।
कोई उनसे मिलवाएगा क्या!
कोई गहरा पुराना दोस्त फिर से मिलेगा क्या!

जब आंखे बंद करता हूँ तो ,
वो हॉस्टल के दिन याद आते हैं।
मेरी रूह को बार -बार ,
उसी कमरे में ले जाते हैं।
कोई उन यादों से रूब रू करवायेगा क्या!
कोई गहरा पुराना दोस्त मिल भी पाएगा क्या!

धरती बचाए

सूनी है सड़के हैं सुनसान रहे,
नहीं है कोई भी जो शोर मचाए।
इंसान है जो वो घरो मै चुपा है,
प्राकृतिक दंड अब उनको मिला है।

है पक्षी का जीवन खुशहाल सारा,
शुद्ध हो गया है ये आकाश तुम्हारा ।
पशु भी हुए अब तो खुश इस जीवन से,
नहीं आरहा कोई जंगल का विध्वंश करने।।

हंसता है चंदा और हंसता है मंगल,
जो रचते थे रहने के सपने वहां पर।
वो मुंह को छुपाए अंधेरे में बैठा,
अपने जीवन के वो पुण्य को गिनता।

है बादल भी अब तो खूब बरसता ,
सूरज भी अब खूब है तपता।
सभी चाहते बस इंसान सुधरे,
किसी भी तरह धरती की अहमियत को समझें।

खुद भी रहे और सबको बचाए,
शुद्ध आकाश को ना काला बनाए।
ना जंगल को काटे ना नदियों को कूड़ा बनाए,
खुद भी बचे और धरती बचाए।।

                     @shutosh....

खाकी तुझे सलाम

ख़ाकी तुझे सलाम
बडे नाम सुने थे तुम्हारे, कहीं पोलिसवाले गुंडे तो कहीं वर्दीवाले गुंडे
पर जब आई संकट की बेला
तब रूबरू हमने तुमको देखा
जोखिमों से भरी राहों मे कैसे ढाल बने हमारे बीच खड़े हो कहीं संतरी तो कहीं रात के प्रहरी बने खड़े हो
ना परवाह है खुद की ना परवाह है अपनों की बस परवाह है तो बस हमारी सुरक्षा की
कर हमें घरों मे कैद
तुम हर वार झेलने बाहर खड़े हो
ज़ब आती है बात हमारी सुरक्षा की तो कहीं गर्मी तो कहीं नरमी की नीति अपनाकर
कहीं हाथ जोड़कर तो कहीं डंडा दिखाकर हर पल तैनात खड़े हो
जिस देश मे हो तुम जैसे कर्मवीर योद्धा
उस देश मे कोरोना तो क्या यम की टोली भी टिक ना पायेगी, देख तुम कर्मवीरों को संकट के यह बादल भी छट जायेंगे
बस जरुरत है तुम्हारे हिदायतो को अपनाने की, घर मे रहकर ही साथ निभाने की
हे कर्मवीर योद्धा तुझे हमारा वारंवार सलाम वारंवार सलाम जय हिन्द जय भारत