उन्माद

तेरा क्या गलति है
तु आग है
जलना और जलाना तेरा काम ही है
मै ठैरा पागल चिंगारी
तंग आ गया हुँ अन्धेरा से
उजाला देख कर चुम लेने कि कसम जेा खाइ है
केाइ गम नेहीँ कि मे मछली हुँ
अक्सिजेन से जिताहुँ
फीर पेड छेाड कर पानि मे रेहता हुँ
वहक ना तेरा काम
तु हवा है
मे ठेहरा महबत
केान सिधि नजर से देखता है
वदनाम कि और एक अफ्वा है

दिल और धडकन
देानेा कितने पास है
थेाडा गैार से देखेा
देानेा की विच मे शांस है
तु प्यार महवत कि बात मत कर जालिम
चुभे कितना नफरत की तीर मेरे सीनेा मे
मुझे दर्द मेँ भी हसना आता है
प्यार मुझे इस मुकान पर ले गया लेाग इये भी क्हते हैँ की देखेा इये एक जीन्दा लास है…..