हे प्रभु बस इतना देन…

हे प्रभु बस इतना देना कि
किसी के आगे हाथ फैलाना ना पड़े।
कोई मदद माँगने आ जाए
तो हमें त्योरी को चढ़ाना ना पड़े।
थोड़े में भी हो सकता है गुज़ारा
मन को हर बार समझाना ना पड़े।
दूसरे की थाली में देखकर
घी ज़्यादा मन अपना ललचाना ना पड़े।

भावात्मक निर्णय दिल …

भावात्मक निर्णय दिल से निर्णयात्मक-
निर्णय दिमाग़ से लिए जाते है।

क्योंकि…..

प्यार की बातें दिल और काम की बातें
दिमाग़ अच्छी तरह समझता है।

विज्ञापन की ज़रूरत न…

विज्ञापन की ज़रूरत नहीं अपना नाम ही ब्रैन्ड है,
जो हमने शुरू कर दिया समझो बस वो ही ट्रैन्ड है।

अपने दोस्तों को हँसाना अपना रोज़ का काम है,
जो हमसे शुरू हुआ वो फ़ैशन, बाक़ी सब आम है।
?

बहुत वक़्त लगेगा …

बहुत वक़्त लगेगा
लोगों के दिलों में
पैठ बनाने के वास्ते।

क्योंकि आसान
नहीं होते दिलों में
घुस जाने के रास्ते।।
❤️

अर्ज है, मैं जिसे च…

अर्ज है, मैं जिसे चाहूं
वो किसी और को चाहे,
पर वो जिसे चाहे वो भी
किसी और को चाहे!

ऐसे ही सिलसिला चलता
रहा इस चाहत का तो,
जिसने भी जो चाहा उसे
कभी कुछ मिलेगा ही नहीं!

अगर सबको चाह की
कुछ भी चाहत ना हो,
तो कर्म खड़ा दस्तक देगा
हाथ पसार लगालो गले उसे
कर्म से ही सब कुछ होगा!

शुभ कर्म से ही सब कुछ होगा

न जाने लोग इतनी नफ़र…

न जाने लोग इतनी नफ़रतें कैसे पाल लेते हैं,
इक धड़कते दिल में उनको कैसे सम्भाल लेते हैं!

सोचती हूँ क्या उनको डर नही लगता इस आग से
बिन मतलब का ज़हर कैसे अंदर डाल लेते हैं..!

क्यों नहीं समझते हम कि ज़िंदगी बहुत छोटी है,
नफ़रतों की उम्र लम्बी,पर प्यार की उम्र छोटी है।

तो फिर क्यों न ज़िंदगी को हम प्यार से भर देते हैं…
नफ़रतों के ज़हर से खूबसूरत दिल को मुक्तकर देते हैं!

क्यों ज़माने भर का बोझ दिल पर डाल देते हैं…
जो रखता हमें ज़िंदा, उस दिल को धड़कने देते हैं।