मन में बसे हो तुम …

मन में बसे हो तुम

जब से मिली तुमसे ये नज़रें
फिर हमने आँख उठायी नहीं!

भगवान की क़सम भले खा लें
पर तुम्हारी क़सम खायी नहीं!!

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