साये साथ रहा करते हैं

उजियारे की फिजाओं में जब बहुत ख्याल पनपा करते हैं
और अंधियारे की राहों पर जब ये भागते खङे फिरते हैं
काया भी जब जिंदगी सींचने मे मगन रहती है
तब सिर्फ साये साथ हुआ करते हैं।

   दर्द  तनाव का अनुभव साये नही किया करते
  हमसे कोई सवाल जवाब भी तो ये नही किया करते
   जिंदगी से परे जिंदगी से जकङे रहते हैं
   साये तो सिर्फ साथ हुआ करते हैं

साये हमसफर भी तो नही हुआ करते
साथ चलने जैसी कोई बात नही किया करते
गिर पड़ने पर संभालने भी नही आया करते हैं
साये तो सिर्फ साथ हुआ करते हैं

      रूह भी एकरोज छोड़ जाया करती है
      साये फिर भी शरीर से लिपटे रहते हैं
      जिंदगी से परे जिंदगी से जकङे रहते हैं
       साये तो सिर्फ साथ हुआ करते हैं।
CategoriesUncategorized

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *