बदल गया है ✍

बहुत कुछ बदल गया है
कुछ ही पलो में तु एक
अनजान था , मेरे लिये
आज फिर से एक अनजान
बन गया, कोई चाह नहीं थी
पास आने की पर वक्त ने पास
ला दिया , दुर जाना नहीं चाहते
थे, पर वक्त ने ही दुर कर दिया , तु
एक कहानी सा था, जिसे में पढ़
रही थी , पर सायद में ही अधुरी
छोड़ दि ॥
बहुत कुछ बदल गया है कुछ
ही पलो में॥

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