बेटी

तुम कविता हो
अल्फाज हो
मेरी कलम हो तुम आवाज़ हो
मेरी दौलत भी तुम
मेरी नाज़ हो
मेरी गीता मेरा साहित्य हो तुम
मेरी कसम
मेरा दायित्व हो तुम
शिक्षा हो तुम मेरी
मेरी डिग्रियों का आईना
तुम ही
मेरी कल्पना हो
तुम ही
मेरी साइना
तुम ही हो मेरी बेटी
मेरी जिंदगी का आईना
मेरी जिंदगी का आईना

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