हमारे शब्दों से किस…

हमारे शब्दों से किसी के चोट लगे तो उसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं,

किंतु सही बात भी किसी को हज़म न हो तो वो निहायत स्वार्थी है।

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