कितना साफ सरल सा …

कितना साफ सरल सा रस्ता है
न दिवार कीटेक है न किसी शाख का साया है
न किसी आँख की नजर न किसी आदमी कीआहट है
अब अच्छा होगा तुम्हारे लिए
अपनी तन्हाई लीए चलते रहो
वैसे भीनकोई साथआएगा तुम्हारे न कोई साथ चलनेवालाहै

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