कहीं कहीं आज भी दिख …

कहीं कहीं
आज भी दिख जाते हैँ भलाई और करुंणा क़े
कारनामे.फुटपाथों पर
कही कही आज भी होते हैँ चर्चे धर्म
और फर्ज़ क़े गाँव की चौपालों पर

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