बड़ी कुशहाल थी …

बड़ी खुशहाल थी जिंदगी
फिर हमे भी प्यार हो गया
अच्छा खासा चल रहा था
अब बद से बदहाल हो गया

                             कवि:श्रवण चौधरी"राही"

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