मर्यादा की बेड़ियाँ…

*मर्यादा की बेड़ियाँ *

अगर मर्यादा की बेड़ियाँ न होती
हर जगह अफ़रातफ़री मची होती।

समझदार इंसान मर्यादा
लाँघने का मतलब समझता है।

अपने सम्मान की ख़ातिर
आँखों में थोड़ी शर्म रखता है।

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