बात बनायी,आँख चुरायी…

बात बनायी,आँख चुरायी,शहर भी छोड़ा,रूह भी गवायी~~|
तुझे ख़बर भी है कि आख़िर हमने कैसे कैसे सम्भाला ख़ुद को~~||

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