कुछ पन्ने.. ✍

जिंदगी की किताब जब भी
पढ़ने बैठते हैं, कुछ पन्ने अक्सर
अधुरें रह जातें हैं, दिखने में तो
आसान से लगतें है , पर हमें
उलझ में डाल देते हैं..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *