मोहब्बत इंसान जै…

*मोहब्बत *

इंसान जैसा खुद होता है उसके
हिसाब से ही दुनियाँ को देखता है।

जिनको प्यार हैं इनसानियत से
वह नफ़रत में भी मोहब्बत देखता है।

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