बन्दगी ने आजतक हज़ार…

बन्दगी ने आजतक हज़ार रुख बदले
मगर ज़ो खुदा थापहले आज भी वही खुदाहै

जिंदगी क़े अंत मे हमने पाया
ज़ो वक़्त हमने गुज़ारा था बैठकर
सिर्फ वही वक़्त हमने बचाया था
वरना बाकी सारा वक़्ततो हमने फिज़ूलियतमे गँवाया था

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