शिव

ओम नमः शिवाय

हर सांस में शिव हैं, हर प्राण में शिव हैं
भटके हुए लोगों के दिशा ज्ञान में शिव हैं
अट्टहास में शिव हैं, मुस्कान में शिव हैं
अपमान में भी संग, सम्मान में शिव हैं

कैलाश में शिव हैं ,मेरे पास में शिव हैं
दुविधा की घड़ी में विश्वास में शिव हैं
अज्ञान में शिव हैं, आविष्कार में शिव हैं
आनंद के अनुभव, व्रत त्योहार में शिव हैं

शून्य में भी उपस्थित,विस्तार में शिव हैं
आकारहीन में, हर आकर में शिव हैं
जिस ताने बाने से बनी जीवन की है गाथा
उस व्यवस्था के एकल सूत्रधार में शिव हैं
@gyaananubhav

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