Mulakaat

एक रोज की बात है
मुलाकात कुछ खास है
लगता है बरस बीत गए
पर केवल घंटे की बुनियाद है
कुछ कहा नहीं गया
बस देखने की फरियाद है
रखना नहीं कुछ राज है
पर बताने की लाज है
एक रोज की बात है
मुलाकात कुछ खास है।

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