दिल और दोस्ती

दिल जो सोचता है, वो दिल का काम है|

जुबान जो कहती है, वो दिमाग का काम है|

मगर दिल तो सिर्फ दिल की सुनता है|

तो मेरे दोस्त इस दोस्ती को,
जुबान से नहीं दिल से सुनो ,
और दिल से देखो.

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