फुटबॉल मैच बहुत …

फुटबॉल मैच

बहुत दिनों के बाद मन मस्ती में आया,
ली मैंने फुटबॉल उस पर किक लगाया।
किक लगाते फुटबॉल एक फुट दूर पड़ी,
मेरी क़िस्मत देखो मैं भी दो फुट गिर पड़ी।
देखा आसपास कोई नज़र नहीं आया,
इतने में दौड़ता एक कुत्ता पास में आया।
मन मैं सोचा ये कुत्ता ही मुझे उठा दे,
एक फुट दूर पड़ी फुटबॉल मुझे पकड़ा दे।
इशारा कर उसको मैंने पास बुलाया,
मैं हूँ उसका दोस्त उसे अहसास दिलाया।
वो भी शायद अकेला कुछ ढूँढ रहा था,
मेरी तरह वो भी मस्ती करने के मूड में था।
मैं भी उठी उसको अपने गले लगाया,
फिर से एक फुटबॉल पर किक लगाया।
देखते देखते वो फ़ुटबॉल को पकड़ लाया,
लग रहा था खेल में उसको आनंद आया।
फिर क्या था दोनों ने मिलकर धूम मचाई,
मैंने पैर से उसने मुँह से अपने किक लगाई।
थोड़ी देर में लोग आये देख हतप्रभ हो गए,
हम दोनों का खेल देख बहुत प्रसन्न हो गए।
हमारी ट्यूनिंग देख सबने ताली बजायी,
देख हौंसला अफजाई कुत्ते ने किक लगाई।
सोच रही थी मैं आज तो ग़ज़ब हो गया,
फ़ुल मस्ती करने का सपना पूरा हो गया।
इंसान ही नहीं जानवर भी मस्ती चाहता है,
प्यार से बुलाने पर वो भी दोस्त बन जाता है।

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