चौदहवीं रात के इस चा…

चौदहवीं रात के इस चाॅंद तले
सुरमई रात में साहिल के करीब
दूधिया जोड़े में आ जाये जो तू
ईसा के हाथों से गिर जाये सलीब
बुध का ध्यान चटख़ जाए, कसम से
तुझको बर्दाश्त न कर पाये ख़ुदा भी
दूधिया जोड़े में आ जाए जो तुम
चौदहवीं रात के इस चाॅंद तले।।

श्रद्धांजलि :-
सुशांत सिंह राजपूत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *