अरमान दिल के मचल र…

अरमान दिल के
मचल रहे थे अरमान कुछ करने के लिए,
बादलों संग उड़ान हवा में भरने के लिए।

मिला है ये जीवन तो यूँ ही न गंवाऊँगी,
करूँगी कड़ी मेहनत मंज़िल पहुँच जाऊँगी।

उठते ही लग जाऊँगी अपनी किताबों में,
सफलता के पंख लगा दूँगी मैं इरादों में।

लेकर माँ पिता का आशीर्वाद बढ़ जाऊँगी,
अपने सपनों को हक़ीक़त मैं बनाऊँगी।

सुना है मैंने जो मेहनत करने की ठान लेते हैं,
पत्थर से भी पानी निकालना जान लेते हैं।

कुछ तो खोना पड़ता है कुछ पाने के लिए,
दिल में उठे अरमानों को पंख लगाने के लिए।

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