सेतु कविता

हे रे कोरोना कब जाओगे तुम कहो ना
जगत को सारा बंधक बनाके मुश्किल मे है डाला ……
जनम लिया है तूने वुहान शहर मे
वायरस रुप बनाया
पता न लगे के तेरा जनम हुआ है
चीन ने सबसे छिपाया
इसपेन इगलेड अमरीका मे
कितना कहर है ढाया…..
स्टे होम लाकडाउन सोसल डिस्टेन्स का
मंत्र बताया मोदी ने
घर से निकलो किसी से न मिलना
यंत्र बताया मोदी ने
सेनेटाइजर से हाथ है मलना
साबुन से हाथ धोना ……
लाश का अंबार लगता प्रतिदिन
मौत न रोके से रुके
बंद हुए कलकारखाना भी
अर्थव्यवस्था भी टूटे
सबके सहयोग से हारे कोरोना
साथी हाथ बढ़ाना ….
कोरोना कब जाओगे कहो ना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *