सेतु चौपाई

!! चौपाल !!

लइका सियान जेन मेर सकलाथें
खेती-किसानी के गोठ- गोठियाथें
अउ जानना हे देश-बिदेश के बात
दिल्ली होवय चाहे के भोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

नीति धरम के के ताक होथे
ताक अउ हाँसी-मजाक होथे
अउ सियानी के गोठ घलो सुन
माधो, रमेसर अउ गोपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

बिहनिया नहा-धोके जम्मो ऑथें
रथिया भात खाके इ करा ठुलाथें
अब्बड़ सुहावना लागथे संगवारी
कइसे करव बखान सुघ्घर महौल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

गनेश चउथ म लम्बोदर बिराजथन
नवराति म दुर्गा दाई नेवत के लाथन
चँउक ल सजाथन छाँवनी बनाके
फ़बित का कइबे चाँदनी,तिरपाल के
गोठ सुन हमर गांव के चौपाल के. .

 सेतराम साहू "सेतु"

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