इतंजार✍

आंखे इतंजार करती है
होठ खामोश रहती है
यह दोनों एक दुसरे
से कभी नहीं मिलते
पर जिन्दगी चलती
जाती है, बस चलती
जाती है॥ ?‍♂️

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