प्रेम के मुट्ठी भर …

प्रेम के मुट्ठी
भर बीज बिखेर दें,
दिलों की
जमीन पर…
बारिश का मौसम है,
शायद कुछ विशेष
अपनापन
पनप जायें

…!

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