मिट्टी हैं तो पल भर …

मिट्टी हैं तो पल भर में बिखर जायेंगे हम लोग,
खुशबू हैं तो हर दौर को महकायेंगे हम लोग।

हम रूहें सफर हैं हमें नामों से ना पहचान,
कल किसी और नाम से आ जायेंगे हम लोग।

कल किसी और नाम से आ जायेंगे हम लोग।

क्या हम से बचोगे कि जिधर जायेंगी नजरें,
इस आईना खाने में झलक जायेंगे हम लोग।

बैठो की अभी ये है घनी छाॅंवों मयात्सर
ढलता हुआ साया हैं गुजर जायेंगे हम लोग।

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