मेरे कदम कैसे डगमगा …

मेरे कदम कैसे डगमगा सकते हैं,
मुझे चलना…
जो मेरे पापा ने सिखाया है…!!
जिन्दगी #खुशियों की महफिल नही,

सुख व #दु:ख का साथी है।।

आर.जे.रघुवंशी

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