लाख टके की बात औ…

लाख टके की बात

औलाद की वफादारी का पता
बुढ़ापे में चलता है

बहन की वफादारी का पता
उसकी जवानी में चलता है

भाई ‌ की वफादारी का पता
शादी के बाद चलता है

पति ‌ की वफादारी का पता
पत्नी की बीमारी में चलता है

पत्नी की वफादारी का पता
पति की गरीबी में चलता है

दोस्त की वफादारी का पता
दोस्त की परेशानी में चलता है

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