life

जिसम है किराया
न जाने कब ये बदल जाये

बची है चंद सासे
न जाने कब ये पूरी हो जाये

अरमानो का पुलिंदा बनाया था
जो कब का ढेर हो गया

बस एक ख्वाहिश ही बची है उन्हें आखिरी बार देखने की
न जाने कब ये आँखे बंद हो जाये

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