जीवन पथ पर अपना बेहत…

जीवन पथ पर अपना
बेहतर करते हुये,

पूरी ऊर्जा के साथ आगे
बढते जाना,

और फिर जो प्राप्त हो
उसे ईश्वर की इच्छा समझ
स्वीकार करते जाना,

यही पुरूषार्थ का ईश्वरीय
नियम कहलाता है….

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