बाहर की दुनियां का ग…

बाहर की दुनियां का गलत पढते, सुनते, देखते,
हमारी अन्दर की दुनियां में दु:ख, क्रोध, नफरत,
बहुत कुछ गलत होने लग गया,
वह हमारे कर्म में आ गया, और
बाहर की दुनियां में गलत बढता गया।
अपनी अंदर की दुनियां को स्वच्छ रखें,
अंदर की दुनियां से ही बाहर की दुनियां बनती है।

       "स्वच्छ मन अभियान"

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