होंठ चुपचाप बोलते हो…

होंठ चुपचाप बोलते हों जब
साँस कुछ तेज़-तेज़ चलती हो
आँखें जब दे रही हों आवाज़ें
ठंडी आहों में साँस जलती हो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *