फूल बनकर मुस्कुराना …

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,

मुस्कुरा के गम भुलाना जिन्दगी है,

मिलकर लोग खुश होते हैं तो क्या हुआ,

बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!

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