रिश्तों का अहसास

शादी होने के बाद दांपत्य जीवन में प्यार क्या होता है: –

“कहाँ गई थी जान…” से लेकर
“कहाँ मर गई थी” तक का सफर प्यार है…
“अजी सुनते हो” से लेकर… “बहरे हो गये हो क्या”…??? यही तक का सफर …प्यार है…
“आप मुझे नसीब से मिले हो…”
से लेकर…”नसीब फूटे थे, जो तुम मिले…” तक।का सफर प्यार है…
” आप रहने दीजिए”…से लेकर…
“मेहरबानी करके आप तो रहने ही दीजिए…” तक का सफर प्यार है…
“तेरे जैसा कोई नहीं”… से लेकर …
“तेरे जैसे बहुत देखे हैं…” तक का सफर प्यार है…
“यहाँ तो आओ” …से लेकर… “अब हटो भी जरा”…तक का सफर प्यार है…
“अब मान भी जाओ ना”…से लेकर…”भाड़ मे जाओ” …तक का सफर प्यार है…
“कुछ बातें करो ना”…से लेकर…”अब बातें बनाना बंद करो” …तक का ही सफर प्यार है…
“तुम को ही याद कर रहा था”…से लेकर…तुम को याद करने के अलावा भी बहुत काम हैं मेरे पास” तक का सफर प्यार है…

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