तुम्हें सोचना, तेरी …

तुम्हें सोचना, तेरी बात करना और तेरे ही ख्यालों में रहना
ग़र इश्क़ इबादत है, तो हम हर वक्त सज़दे में रहते हैं ..!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *