ये मेरी आंखों का वहम…

ये मेरी आंखों का वहम था या मैंने तुझे हंसते देखा
इस मजबूर जिंदगी पे क्रूरता भरे व्यंग कसते देखा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *