उनके कर्जदार और वफाद…

उनके कर्जदार और वफादार रहिये
जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं!

         क्योंकि

अंजाम की ख़बर तो
कर्ण को भी थी. . .

पर बात दोस्ती निभाने की थी।

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