ताल्लुकात बढ़ाने हैं…

ताल्लुकात बढ़ाने हैं तो….
कुछ आदतें बुरी भी सीख ले गालिब,

ऐब न हों तो…..
लोग महफ़िलों में नहीं बुलाते ….

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