जिन खोजिया तिन पाहिय…

जिन खोजिया तिन पाहिया !
कोई कहंदा है “रब” गरीबां दा !
कोई कहंदा है “रब” अमीरां दा !
कोई कहंदा है “रब” बदनसीबां दा !
पर “तेरा” प्यार पा के !
मैनु एन्ज लगिया “वाहेगुरू” जी !
के “रब” साडे वरगे ख़ुशनसीबां दा

सतनाम वाहेगुरू जी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *