एक मन्दिर के दरवाजे …

एक मन्दिर के दरवाजे पर बहुत अच्छी लाइन लिखी थी …

“जूते” के साथ – साथ, अपनी गलत “सोच” भी बाहर उतार के आइए …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *