ना जहाँ की तिज़ारत का…

ना जहाँ की तिज़ारत काम आयी ,
ना किसी की नज़ाक़त काम आयी !

जिंदगी के हर मोड़, हर कदम पर ,
मुझे “माँ” की इबादत काम आयी !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *